पिलानीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
श्रवण कुमार (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 29.2% वोट पाकर पिलानी सीट जीती और सुमित्रा सिंह (INC) को 2,982 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 23 गुढ़ा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 23 रतनगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। श्रवण कुमार 3.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रवण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 27,41229.2% |
| 2 | सुमित्रा सिंह | 24,43026.0% | |
| 3 | मूल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 22,77524.3% |
| 4 | मूल चन्द कटेवा | 11,38612.1% | |
| 5 | निहाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7604.0% |
| 6 | महेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 9951.1% |
| 7 | जगदीश | 5790.6% | |
| 8 | बिरजू सिंह जनता दल | जनता दल | 5260.6% |
| 9 | दारा सिंह कटेवा निर्दलीय | निर्दलीय | 4870.5% |
| 10 | धर्म चन्द | 2680.3% | |
| 11 | सुमेर चन्द | 2120.2% | |
| 12 | राम चन्द IPF | IPF | 2080.2% |
| 13 | जबर सिंह पूनियां निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.2% |
| 14 | शंकर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 15 | अचल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 16 | श्याम सुन्दर निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
| 17 | परमानन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 18 | रमेश निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 19 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 20 | तारा चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिलानी से कौन जीता, 1977–2003
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 70.9% से घटकर 61.5% रह गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।