फलोदीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
राम नारायण विश्नोई (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 35.1% वोट पाकर फलोदी सीट जीती और प्रकाश चन्द छंगाणी (RSNM) को 5,379 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 190 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 190 कोटा-दक्षिण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राम नारायण विश्नोई 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम नारायण विश्नोई NDA | NDA | 48,52535.1% |
| 2 | प्रकाश चन्द छंगाणी RSNM | RSNM | 43,14631.2% |
| 3 | जेपू खान | 36,46626.4% | |
| 4 | देरावर सिंह राजपुरोहित निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6072.6% |
| 5 | किशना राम मेघवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3202.4% |
| 6 | महेन्द्र सिंह गेहलोत | 3,0402.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फलोदी से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.3% से घटकर 35.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 64.1% से घटकर 61.5% रह गया।