जैतारण पूर्व सोजत पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
मोहन सिंह (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 68.1% वोट पाकर जैतारण पूर्व सोजत पूर्व सीट जीती और रिखब दास (निर्दलीय) को 7,556 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 63 घाटोल है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोहन सिंह 56.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,12468.1% |
| 2 | रिखब दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,56811.7% |
| 3 | मोती लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,55611.6% |
| 4 | मोहनलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8706.5% |
| 5 | रूप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2862.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।