खंडेलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
गोपाल सिंह (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 56.2% वोट पाकर खंडेला सीट जीती और महादेव सिंह (INC) को 13,767 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 36 हवा महल थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 36 दांतारामगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गोपाल सिंह 16.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपाल सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 47,99256.2% |
| 2 | महादेव सिंह | 34,22540.1% | |
| 3 | महादेव निर्दलीय | निर्दलीय | 8501.0% |
| 4 | शिव प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5410.6% |
| 5 | कालू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5150.6% |
| 6 | हरि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3520.4% |
| 7 | आशुतोष | 3240.4% | |
| 8 | प्रभात निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.2% |
| 9 | भारत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.2% |
| 10 | सुशील निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.2% |
| 11 | श्री राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खंडेला से कौन जीता, 1977–2003
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 64.0% से घटकर 63.0% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।