छबड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
भैरों सिंह शेखावत (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 69.1% वोट पाकर छबड़ा सीट जीती और तेज राज सिंह (निर्दलीय) को 35,049 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 114 निंबाहेड़ा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 114 परबतसर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भैरों सिंह शेखावत 53.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भैरों सिंह शेखावत | 45,59969.1% | |
| 2 | तेज राज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 10,55016.0% |
| 3 | जग मोहन सिंह | 5,9229.0% | |
| 4 | दुर्गा लाल | 2,1523.3% | |
| 5 | रामबक्स निर्दलीय | निर्दलीय | 4250.6% |
| 6 | कृष्ण कुमार भगरावा निर्दलीय | निर्दलीय | 3350.5% |
| 7 | बन्ना मियाँ निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.5% |
| 8 | राम करण निर्दलीय | निर्दलीय | 2990.5% |
| 9 | रामजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.3% |
| 10 | हाजी फटन निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और एक निर्दलीय को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
छबड़ा से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1980 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 60.2% से बढ़कर 69.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 57.1% से घटकर 55.0% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।