सूरजगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
बाबू लाल (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 59.7% वोट पाकर सूरजगढ़ सीट जीती और सुन्दर लाल (INC) को 19,651 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 24 नवलगढ़ थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 24 सुजानगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बाबू लाल 21.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाबू लाल राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 54,76559.7% |
| 2 | सुन्दर लाल | 35,11438.3% | |
| 3 | शिव लाल | 5720.6% | |
| 4 | परभाती निर्दलीय | निर्दलीय | 5100.6% |
| 5 | बिरदी चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.2% |
| 6 | सुभाष चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.2% |
| 7 | छोटे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.2% |
| 8 | जगदीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 9 | महेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 10 | मनभर निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूरजगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 65.8% से घटकर 63.3% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।