दीगोदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
बृज राज मीना (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 33.8% वोट पाकर दीगोद सीट जीती और भारत सिंह (निर्दलीय) को 9,128 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 109 डग थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 109 नागौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बृज राज मीना | 25,01033.8% | |
| 2 | भारत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 15,88221.4% |
| 3 | जीवन लाल | 15,27320.6% | |
| 4 | देव लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7,72810.4% |
| 5 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3887.3% |
| 6 | राम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7332.3% |
| 7 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7091.0% |
| 8 | सत्य नारायण | 5940.8% | |
| 9 | जगदीश वाम दल | वाम दल | 5070.7% |
| 10 | शिव नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 4740.6% |
| 11 | रतन लाल मेघवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.4% |
| 12 | राम प्रताप मेघवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2880.4% |
| 13 | कालू खान राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 1040.1% |
| 14 | राम दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दीगोद से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1980 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.5% से घटकर 33.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 54.3% से बढ़कर 56.0% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।