हिंडोलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
रामा पायलट (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 46.2% वोट पाकर हिंडोली सीट जीती और पोखर लाल (BJP) को 9,721 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 103 अटरू थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 103 ब्यावर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
15.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामा पायलट | 30,01446.2% | |
| 2 | पोखर लाल | 20,29331.3% | |
| 3 | गणेश लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 11,84618.3% |
| 4 | जसवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3442.1% |
| 5 | दुर्गेश विनंदन निर्दलीय | निर्दलीय | 4610.7% |
| 6 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.7% |
| 7 | कृपा शंकर JNP(JP) | JNP(JP) | 2610.4% |
| 8 | राजेन्द्र प्रसाद टेलर | 2520.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हिंडोली से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 55.3% से बढ़कर 61.1% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।