दानपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
बहादुर सिंह (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 61.4% वोट पाकर दानपुर सीट जीती और प्रभु लाल रावत (INC) को 23,778 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 129 नाथद्वारा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 129 सूरसागर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बहादुर सिंह 32.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बहादुर सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 44,47361.4% |
| 2 | प्रभु लाल रावत | 20,69528.6% | |
| 3 | उदय लाल निनामा | 5,7608.0% | |
| 4 | कान्ति लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6040.8% |
| 5 | जीवन भाई निर्दलीय | निर्दलीय | 4640.6% |
| 6 | खेमराज डिंडोर निर्दलीय | निर्दलीय | 3960.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और INC को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दानपुर से कौन जीता, 1977–2003
JD ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 52.3% से बढ़कर 56.4% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।