केसरीसिंहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
हीरा लाल इन्दौरा (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 33.6% वोट पाकर केसरीसिंहपुर सीट जीती और करतारा राम (JD) को 3,695 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 7 करणपुर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 7 संगरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हीरा लाल इन्दौरा | 20,77933.6% | |
| 2 | करतारा राम राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 17,08427.6% |
| 3 | गुरदेव सिंह पुत्र शंगारा सिंह | 15,61325.2% | |
| 4 | मनफूल राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6896.0% |
| 5 | गुरदेव सिंह पुत्र मंगल सिंह | 1,6482.7% | |
| 6 | मोहन लाल बावरी JNP(JP) | JNP(JP) | 1,2852.1% |
| 7 | गुरदीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6931.1% |
| 8 | ईशर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3830.6% |
| 9 | खियां राम | 2890.5% | |
| 10 | गुरबचन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.5% |
| 11 | मुख्तियार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
केसरीसिंहपुर से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 71.6% से घटकर 33.6% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 51.2% से बढ़कर 57.0% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।