चित्तौड़गढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
विजय सिंह झाला (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 31.0% वोट पाकर चित्तौड़गढ़ सीट जीती और नरेन्द्र सिंह (INC) को 1,111 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 124 डूंगरपुर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 124 शेरगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चित्तौड़गढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,111 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विजय सिंह झाला | 21,53931.0% | |
| 2 | नरेन्द्र सिंह | 20,42829.4% | |
| 3 | विक्रम सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 19,55728.2% |
| 4 | भेरू लाल जाट निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8604.1% |
| 5 | दौरान खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8384.1% |
| 6 | बंशी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4840.7% |
| 7 | कमलेश आनन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.5% |
| 8 | हजारी | 2490.4% | |
| 9 | गंगा परमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.3% |
| 10 | सत्य नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.3% |
| 11 | राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
| 12 | अम्बा लाल | 1260.2% | |
| 13 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 14 | गोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 15 | नरेन्द्र सिंह लोधा | 820.1% | |
| 16 | मदन लाल कल निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 17 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चित्तौड़गढ़ से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 42.4% से बढ़कर 52.7% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।