चित्तौड़गढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
सुरेन्द्र जाडावत (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 50.9% वोट पाकर चित्तौड़गढ़ सीट जीती और नरपत सिंह राजवी (BJP) को 6,831 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 124 डूंगरपुर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 124 शेरगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र जाडावत | 53,51050.9% | |
| 2 | नरपत सिंह राजवी NDA | NDA | 46,67944.4% |
| 3 | नवल सिंह वर्दिया | 2,8602.7% | |
| 4 | शिव राम गुर्जर | 5040.5% | |
| 5 | अलाउद्दीन | 4090.4% | |
| 6 | गंगा परमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3840.4% |
| 7 | दौरान खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.3% |
| 8 | नाहर सिंह चित्तोरीखेड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 2160.2% |
| 9 | मोहम्मद हनीफ बुसवाले निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 10 | महेन्द्र पाल सिंह बिटका निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चित्तौड़गढ़ से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 58.7% से बढ़कर 70.1% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।