चित्तौड़गढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
नरपत सिंह राजवी (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 54.9% वोट पाकर चित्तौड़गढ़ सीट जीती और निर्मला कुमारी शंक्तावत (INC) को 15,380 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 124 डूंगरपुर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 124 शेरगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नरपत सिंह राजवी 18.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरपत सिंह राजवी | 45,34954.9% | |
| 2 | निर्मला कुमारी शंक्तावत | 29,96936.3% | |
| 3 | ओम प्रकाश शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3441.6% |
| 4 | अलनूर मंसुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3421.6% |
| 5 | चांदमल गर्ग जनता दल | जनता दल | 1,3121.6% |
| 6 | मोहन लाल सुखवाल | 5980.7% | |
| 7 | केशुराम लबाना | 5720.7% | |
| 8 | मोहन लाल सेन निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.5% |
| 9 | बाबू लाल बाबेल निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.4% |
| 10 | निर्मला कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.3% |
| 11 | सुभाष कुमार जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.3% |
| 12 | मदन लाल कल निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.2% |
| 13 | राम प्रसाद गगरानी निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
| 14 | सवेन्द्र पाल सिंह पुतली निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
| 15 | रामचन्दर शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 16 | आनन्द कुमार बापना निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 17 | अनिल राठौर निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 18 | अब्दुल रज्जाक खान निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चित्तौड़गढ़ से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 31.0% से बढ़कर 54.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 52.7% से बढ़कर 58.7% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।