सुमेरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
गुलाब सिंह (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 33.2% वोट पाकर सुमेरपुर सीट जीती और बीना काक (INC) को 274 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 165 चौहटन थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 165 बागीदोरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुमेरपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 274 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुलाब सिंह | 23,16133.2% | |
| 2 | बीना काक | 22,88732.8% | |
| 3 | सुख देव सिंह मदेतिया निर्दलीय | निर्दलीय | 5,9268.5% |
| 4 | गोकुल चन्द शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 5,5207.9% |
| 5 | लाम्बा राम मदेतिया निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2657.5% |
| 6 | मोहबत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6815.3% |
| 7 | नरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7791.1% |
| 8 | पुखराज पुरोहित | 5600.8% | |
| 9 | लादू राम मीना निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.5% |
| 10 | चुन्नी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.5% |
| 11 | शंकर लाल नरबान निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.3% |
| 12 | देवा निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.3% |
| 13 | पूना राम चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.2% |
| 14 | प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.2% |
| 15 | जालू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.2% |
| 16 | भभूत मल निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.2% |
| 17 | बाबू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 18 | खीमा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 19 | बिहारी लाल गेहलोत निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 20 | मोहम्मद युसुफ निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
| 21 | मोडा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुमेरपुर से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 51.3% से बढ़कर 53.5% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।