फतेहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
दिलसुखराय (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 36.8% वोट पाकर फतेहपुर सीट जीती और मोहम्मद हनीफ ए. (INC) को 9,098 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 30 दांता रामगढ़ थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 30 उदयपुरवाटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिलसुखराय राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 35,76736.8% |
| 2 | मोहम्मद हनीफ ए. | 26,66927.4% | |
| 3 | बनवारी लाल पुत्र रामदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 23,66424.3% |
| 4 | सुभाष जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,2856.5% |
| 5 | त्रिलोक सिंह वाम दल | वाम दल | 1,1851.2% |
| 6 | नन्दाराम | 6860.7% | |
| 7 | शीशपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5190.5% |
| 8 | गणपत JNP(JP) | JNP(JP) | 3870.4% |
| 9 | प्रकाश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.3% |
| 10 | मोहम्मद सफी IP | IP | 2340.2% |
| 11 | बनवारी लाल पुत्र शिवदयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.2% |
| 12 | महाबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.2% |
| 13 | मेवाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.2% |
| 14 | भंवर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
| 15 | रामचंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.1% |
| 16 | नजीर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 17 | देवकरण निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 18 | शिवपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 19 | रामावतार निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 20 | बल्लू खान निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 21 | चिरंजीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 22 | सबीर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
| 23 | कुरडाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 390.0% |
| 24 | राजू निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
| 25 | शुभकरण निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 26 | अर्जुन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 27 | सत्यवीर कटेवा निर्दलीय | निर्दलीय | 220.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फतेहपुर से कौन जीता, 1977–2003
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 67.2% से बढ़कर 69.8% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।