फतेहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
आलम अली खान (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 43.9% वोट पाकर फतेहपुर सीट जीती और सांवर मल (INC) को 4,532 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 30 दांता रामगढ़ थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 30 उदयपुरवाटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आलम अली खान जनता | जनता | 21,18343.9% |
| 2 | सांवर मल | 16,65134.5% | |
| 3 | डोल राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3867.0% |
| 4 | त्रिलोक सिंह वाम दल | वाम दल | 2,9466.1% |
| 5 | बेनी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9226.1% |
| 6 | युगल किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 5051.1% |
| 7 | हरदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.8% |
| 8 | अब्दुल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फतेहपुर से कौन जीता, 1977–2003
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।