हनुमानगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
विनोद कुमार (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 36.2% वोट पाकर हनुमानगढ़ सीट जीती और राम प्रताप (निर्दलीय) को 13,981 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 4 का नाम हनुमानगढ़ था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 4 सूरतगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — विनोद कुमार 15.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विनोद कुमार | 33,24736.2% | |
| 2 | राम प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 19,26621.0% |
| 3 | रामेश्वर लाल वाम दल | वाम दल | 13,11414.3% |
| 4 | कुलदीप सिंह | 7,6588.3% | |
| 5 | जसपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7,3388.0% |
| 6 | चन्द्र भान अरोड़ा | 6,9107.5% | |
| 7 | पुरखा राम | 2,1412.3% | |
| 8 | जस राम चोटिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2740.3% |
| 9 | रमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.2% |
| 10 | चन्द्र काला बिश्नोई निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.2% |
| 11 | रोशन लाल भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.2% |
| 12 | पित्तर चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.2% |
| 13 | देवेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
| 14 | सुभाष चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.2% |
| 15 | वाद्यश्याम लाल LKD(B) | LKD(B) | 1490.2% |
| 16 | चिमन लाल नागपाल | 1430.2% | |
| 17 | संपत | 1390.1% | |
| 18 | कश्मीरी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 19 | लाल चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 20 | सुभाष चन्द्र खदरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 21 | अरदान गुढारवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 22 | अब्दुल सत्तार निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 23 | लक्ष्मी नारायण वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हनुमानगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 65.0% से घटकर 61.3% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।