कुंभलगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
हीरा लाल देवपुरा (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर कुंभलगढ़ सीट जीती और गोविंद सिंह शक्तावत (BJP) को 2,860 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 149 पाली थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 149 गोगून्दा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हीरा लाल देवपुरा 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हीरा लाल देवपुरा | 23,90035.3% | |
| 2 | गोविंद सिंह शक्तावत | 21,04031.1% | |
| 3 | रामेश्वर लाल राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 14,97422.1% |
| 4 | लक्ष्मण गुजर निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6808.4% |
| 5 | चेन सिंह राठौर | 1,2451.8% | |
| 6 | रोशन लाल राठौर निर्दलीय | निर्दलीय | 5020.7% |
| 7 | लक्ष्मण सिंह राष्ट्रवार निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.3% |
| 8 | विश्वजीत दांगी निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुंभलगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.8% से घटकर 35.3% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 52.6% से घटकर 51.9% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977गोविन्द सिंह शक्तावत (JNP), जीत का अंतर 30.4%
- 1980हीरा लाल देवपुरा (INC(I)), जीत का अंतर 11.1%
- 1985हीरा लाल देवपुरा (INC), जीत का अंतर 23.6%
- 1990हीरा लाल देवपुरा (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 1993सुरेन्द्र सिंह राठौर (BJP), जीत का अंतर 14.8%
- 1998हीरा लाल देवपुरा (INC), जीत का अंतर 8.2%
- 2003सुरेन्द्र सिंह राठौर (BJP), जीत का अंतर 23.3%