अलवरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
जीत मल जैन (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 45.1% वोट पाकर अलवर सीट जीती और अशोक कुमार अग्रवाल (INC) को 17,581 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 63 कुम्हेर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 63 बानसूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जीत मल जैन 23.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
38 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जीत मल जैन | 33,60145.1% | |
| 2 | अशोक कुमार अग्रवाल | 16,02021.5% | |
| 3 | हरि नारायण सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 11,45815.4% |
| 4 | तिलक राज गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7825.1% |
| 5 | मोहन श्रोत्रिय वाम दल | वाम दल | 2,6833.6% |
| 6 | जुबेर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8762.5% |
| 7 | मनोहर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 9341.3% |
| 8 | खड़क सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3750.5% |
| 9 | टुंडा राम शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.4% |
| 10 | वीरेन्द्र कुमार विद्रोही निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.4% |
| 11 | इन्द्र सिंह धर JNP(JP) | JNP(JP) | 2790.4% |
| 12 | अर्जुन सिंह गुजर निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.4% |
| 13 | गौरी शंकर गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.3% |
| 14 | सुभाष चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.3% |
| 15 | लक्ष्मण दास महाजन निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.3% |
| 16 | किशन लाल महावर निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.2% |
| 17 | अग्रवाल गंगा सहाय निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.2% |
| 18 | कैलाश चन्द कर्मयोगी निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.2% |
| 19 | गजेन्द्र सिंह चौहान | 1360.2% | |
| 20 | राजेन्द्र तातेड निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 21 | राज कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 22 | जगदीश चन्द भारद्वाज निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 23 | राकेश भार्गव निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 24 | नानक राठोड निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 25 | राजेन्द्र शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 26 | अंजू शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 27 | नेमी चन्द शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
| 28 | पहलाद राय गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 29 | श्याम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 30 | ओम प्रकाश गुप्ता | 640.1% | |
| 31 | मोहन लाल सोमवंशी LKD(B) | LKD(B) | 560.1% |
| 32 | लाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 33 | नन्द लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 34 | महेश चन्द शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 35 | टीका राम जाटव निर्दलीय | निर्दलीय | 450.1% |
| 36 | हीरा लाल सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 37 | सुरेश कुमार अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 38 | हरि राम सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 260.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अलवर से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 50.1% से बढ़कर 53.5% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।