गुढ़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
मदन लाल सानी (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 25.7% वोट पाकर गुढ़ा सीट जीती और वीरेन्द्र प्रताप सिंह (JD) को 1,279 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 26 मंडावा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 26 सूरजगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गुढ़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,279 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मदन लाल सानी | 22,19325.7% | |
| 2 | वीरेन्द्र प्रताप सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 20,91424.2% |
| 3 | शिव नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 18,78221.7% |
| 4 | इन्द्र सिंह | 18,73521.7% | |
| 5 | महबूब निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1051.3% |
| 6 | राम नारायण | 9471.1% | |
| 7 | सुरिंदर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 9071.1% |
| 8 | भागीरथ मल निर्दलीय | निर्दलीय | 5540.6% |
| 9 | राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4560.5% |
| 10 | बिमल कंवर निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.3% |
| 11 | बलदेव सानी निर्दलीय | निर्दलीय | 2080.2% |
| 12 | तिलोक चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.2% |
| 13 | श्री चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 14 | लिछमण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.2% |
| 15 | राजेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 16 | सुल्तान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 17 | राजेन्द्र प्रसाद बिडवाल | 1170.1% | |
| 18 | घीसा निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 19 | सादीक निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 20 | माता दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 21 | राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 22 | लक्ष्मण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 23 | लियाकत निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुढ़ा से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 60.4% से बढ़कर 63.6% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।