गुढ़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
भोला राम (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 41.4% वोट पाकर गुढ़ा सीट जीती और शिव नाथ सिंह (निर्दलीय) को 5,502 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 26 मंडावा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 26 सूरजगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भोला राम | 28,42641.4% | |
| 2 | शिव नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 22,92433.4% |
| 3 | वीरेन्द्र प्रताप सिंह जनता | जनता | 14,10920.5% |
| 4 | मोहम्मद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 6160.9% |
| 5 | माली राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4930.7% |
| 6 | बलदेव राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4200.6% |
| 7 | तारा चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.5% |
| 8 | लक्ष्मण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.5% |
| 9 | मातादीन निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.5% |
| 10 | सवाई सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3030.4% |
| 11 | नारायण लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2830.4% |
| 12 | गोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुढ़ा से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट JNP(JP) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 59.1% से बढ़कर 60.4% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।