पालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
पुष्पा जैन (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 51.2% वोट पाकर पाली सीट जीती और भीम राम भाटी (INC) को 5,528 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 164 गुड़ामालानी थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 164 बांसवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पुष्पा जैन | 45,55551.2% | |
| 2 | भीम राम भाटी | 40,02745.0% | |
| 3 | पनराज निर्दलीय | निर्दलीय | 5900.7% |
| 4 | हरि राम नेहरा निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.6% |
| 5 | तेजा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4280.5% |
| 6 | मंजू सूरन निर्दलीय | निर्दलीय | 4060.5% |
| 7 | प्रेम सिंह भाटी | 2590.3% | |
| 8 | रूप चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2080.2% |
| 9 | यासीन मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.2% |
| 10 | चन्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 11 | रतन लाल बालोटिया | 1010.1% | |
| 12 | कान्ति लाल खींची निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
| 13 | जगदीश प्रसाद गेहलोत निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 14 | रमेश सिंह सिंह राजपुरोहित | 840.1% | |
| 15 | डोल्डर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 16 | हनुमान राम च. निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
| 17 | मोहम्मद सैयद राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 520.1% |
| 18 | अब्दुल जबर निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 19 | दरबार सोलंकी निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पाली से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.2% से घटकर 51.2% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 62.4% से घटकर 58.6% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।