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राजस्थान · विधान सभा सीट नंबर 164

पालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998

ज्ञान चन्द पारख (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 40.3% वोट पाकर पाली सीट जीती और भीम राज भाटी (निर्दलीय) को 3,522 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 164 गुड़ामालानी थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 164 बांसवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

ज्ञान चन्द पारख
BJP· NDA
BJP 40.3%निर्दलीय 36.9%4 अन्य 22.9%
मिले वोट
41,682
मतों का 40.3%
जीत का अंतर
3,522
कुल वोटों का 3.4%
उम्मीदवार
6
मतदान प्रतिशत
64.2%
1,61,307 मतदाताओं में से

नज़दीकी मुक़ाबला। ज्ञान चन्द पारख 3.4% के अंतर से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

6 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
ज्ञान चन्द पारख
NDA
NDA
41,68240.3%
2
भीम राज भाटी
निर्दलीय
निर्दलीय
38,16036.9%
3
केवल चन्द
20,63319.9%
4
भारत तलेसरा
1,3711.3%
5
पर्वतपुरी
LS
LS
8420.8%
6
जमुना परिहार
8140.8%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
3.4%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
64%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

BJP, एक निर्दलीय और INC को 97% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
200 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 101

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
40.3%BJP की जीत
BJP 40.3%निर्दलीय 36.9%INC 19.9%अन्य 2.9%

यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

पाली से कौन जीता, 1977–2003

BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 59.3% से बढ़कर 64.2% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।

  1. 1977मूल चन्द डागा (INC), जीत का अंतर 6.6%
  2. 1980माणक मल मेहता (INC(I)), जीत का अंतर 20.1%
  3. 1985पुष्पा (BJP), जीत का अंतर 17.3%
  4. 1990पुष्पा जैन (BJP), जीत का अंतर 6.2%
  5. 1993भीम राज भाटी (IND), जीत का अंतर 12.4%
  6. 1998ज्ञान चन्द पारख (BJP), जीत का अंतर 3.4%
  7. 2003ज्ञान चन्द पारख (BJP), जीत का अंतर 5.3%