पालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
भीम राज भाटी (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर पाली सीट जीती और पुष्पा जैन (BJP) को 12,236 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 164 गुड़ामालानी थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 164 बांसवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भीम राज भाटी निर्दलीय | निर्दलीय | 46,03246.6% |
| 2 | पुष्पा जैन | 33,79634.2% | |
| 3 | चन्द्र राज सिंघवी | 14,46114.7% | |
| 4 | चन्द्र मेहता जनता दल | जनता दल | 6380.7% |
| 5 | चम्पालाल पुत्र शेसमल निर्दलीय | निर्दलीय | 5620.6% |
| 6 | बुधराज लोहार निर्दलीय | निर्दलीय | 5350.5% |
| 7 | वली मुहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 3650.4% |
| 8 | पनराज मेहता निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.3% |
| 9 | ब्रह्म सिंह गेहलोत | 2920.3% | |
| 10 | पुखराज बंजारा निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.3% |
| 11 | कैलाश दवे | 2270.2% | |
| 12 | नारायण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.2% |
| 13 | कान्ति लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.2% |
| 14 | रतन दास वैष्णव निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 15 | हनुमान राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 16 | गौतम चन्द जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 17 | मूल चन्द जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 18 | चम्पा लाल पुत्र फतेहचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 19 | अशोक कुमार गर्ग निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 20 | मीठू-उर्फ़-मीठा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 21 | लादू राम लोधा निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 22 | चम्पा लाल सरगरा निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 23 | घीसू भाई | 470.1% | |
| 24 | मोहम्मद युसुफ निर्दलीय | निर्दलीय | 320.0% |
| 25 | जोगा राम सोलंकी निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पाली से कौन जीता, 1977–2003
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1990 के 58.6% से बढ़कर 59.3% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।