मालपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
सुरेन्द्र व्यास (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर मालपुरा सीट जीती और नारायण सिंह (JD) को 15,133 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 93 केकड़ी थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 93 खण्डार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुरेन्द्र व्यास 18.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र व्यास | 39,82048.0% | |
| 2 | नारायण सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 24,68729.8% |
| 3 | जीत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 16,14419.4% |
| 4 | राजेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2271.5% |
| 5 | बाबू लाल | 3800.5% | |
| 6 | सुवा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.2% |
| 7 | रामेश्वर पुत्र रायचड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.2% |
| 8 | अब्दुल समी निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 9 | हर नाथ | 1220.1% | |
| 10 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 11 | रामेश्वर पुत्र पांचू निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JD और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मालपुरा से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 71.5% से घटकर 67.9% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।