लक्ष्मणगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
ईश्वर लाल सैनी (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 37.1% वोट पाकर लक्ष्मणगढ़ सीट जीती और नसरू (JD) को 4,290 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 66 वैर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 66 अलवर शहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ईश्वर लाल सैनी | 29,09537.1% | |
| 2 | नसरू राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 24,80531.6% |
| 3 | अशोक सिंह | 15,31219.5% | |
| 4 | रामस्वरूप अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1325.3% |
| 5 | रूप नारायण शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5492.0% |
| 6 | गंगा दीन शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0671.4% |
| 7 | मोहन लाल मीना निर्दलीय | निर्दलीय | 4390.6% |
| 8 | गिराज सिंह नरूका JNP(JP) | JNP(JP) | 3530.5% |
| 9 | विश्वनाथ खींची निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.3% |
| 10 | शिव लाल चौधरी | 2300.3% | |
| 11 | भुल्लू खान आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.3% |
| 12 | सरदार खान नगली निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.2% |
| 13 | अज़ी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 14 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.2% |
| 15 | धर्म वीर शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.2% |
| 16 | प्रभुदयाल सोलंकी निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.2% |
| 17 | राम जीवन मीना निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 18 | चुन्नी लाल बैवा निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 19 | हीरा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 400.1% |
| 20 | लक्ष्मण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
| 21 | चन्द्र कान्ता सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
| 22 | रामजी लाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 23 | देवेन्द्र सिंह राघव निर्दलीय | निर्दलीय | 210.0% |
| 24 | मोहन लाल यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लक्ष्मणगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 43.4% से घटकर 37.1% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 63.5% से घटकर 61.1% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।