रतनगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
हरि शंकर (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 32.8% वोट पाकर रतनगढ़ सीट जीती और आनन्द मंगल मिश्रा (INC) को 2,637 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 18 चूरू थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 18 नोखा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हरि शंकर 3.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि शंकर | 23,47932.8% | |
| 2 | आनन्द मंगल मिश्रा | 20,84229.1% | |
| 3 | पूर्ण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 15,94722.3% |
| 4 | चिमना राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3506.1% |
| 5 | पूनम चन्द वैद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9672.8% |
| 6 | हनुमाना राम मेघवाल | 1,4342.0% | |
| 7 | सुमित्रा सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 8051.1% |
| 8 | चन्दन मल तुंगरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 7581.1% |
| 9 | दुली चन्द शर्मा ABJS | ABJS | 2590.4% |
| 10 | जगन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.3% |
| 11 | बतूल बानू | 2080.3% | |
| 12 | प्रहलाद राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 13 | ओंकार मल निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 14 | लिछमन निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.2% |
| 15 | अमीन खत्री निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 16 | दयाल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 17 | गीगा राम शर्मा | 970.1% | |
| 18 | हरि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 19 | चन्द्र काला निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 20 | शुभ करण निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 21 | खेता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 22 | भेरा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 23 | भंवर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 24 | डेड राज भार्गव निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 25 | कैलाश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 26 | श्याम सुंदर पारीक निर्दलीय | निर्दलीय | 330.1% |
| 27 | राज कुमार कछावल निर्दलीय | निर्दलीय | 320.0% |
| 28 | भुरा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 29 | सुमेर सिंह शेखावत निर्दलीय | निर्दलीय | 80.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रतनगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.8% से घटकर 32.8% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 60.5% से घटकर 60.0% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।