चूरूविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
मोहर सिंह (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 52.9% वोट पाकर चूरू सीट जीती और प्रताप सिंह (निर्दलीय) को 10,158 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 18 हवा महल थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 18 रतनगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोहर सिंह 21.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहर सिंह कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 25,50452.9% |
| 2 | प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 15,34631.8% |
| 3 | विजेन्द्र सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 6,02812.5% |
| 4 | माधव शर्मा | 6331.3% | |
| 5 | सोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2830.6% |
| 6 | शिव पूजन निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.6% |
| 7 | दुर्गा दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और BJS को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चूरू से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 59.0% से बढ़कर 61.6% हो गया।
- 1967एम. राज (IND), जीत का अंतर 7.0%
- 1972मोहर सिंह (INC), जीत का अंतर 21.1%