खानपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
चतुर भुज (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 56.6% वोट पाकर खानपुर सीट जीती और श्री किशन (INC) को 13,573 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 116 प्रतापगढ़ थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 116 जैतारण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चतुर भुज 23.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चतुर भुज | 33,18456.6% | |
| 2 | श्री किशन | 19,61133.5% | |
| 3 | बद्री लाल | 3,9676.8% | |
| 4 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6331.1% |
| 5 | ललिता देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 5100.9% |
| 6 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.5% |
| 7 | रामावतार निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.4% |
| 8 | दौलत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खानपुर से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.5% से बढ़कर 56.6% हो गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 58.0% से बढ़कर 61.2% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।