पश्चिम बंगाल 1996 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
CPM: 157 सीटें (53.4%)INC: 82 सीटें (27.9%)FBL: 21 सीटें (7.1%)RSP: 18 सीटें (6.1%)CPI: 6 सीटें (2.0%)IND: 5 सीटें (1.7%)GNLF: 3 सीटें (1.0%)FB(S): 1 सीट (0.3%)JKP(N): 1 सीट (0.3%)बहुमत के लिए 148294सरकार बनाने के लिए 148
  • CPM15753.4%
  • INC8227.9%
  • FBL217.1%
  • RSP186.1%
  • CPI62.0%
  • निर्दलीय51.7%
  • GNLF31.0%
  • FB(S)10.3%
  • JKP(N)10.3%
चुनाव की कहानी

पाँचवीं जीत, पर अंतर कम

क्या हुआ

पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी फिर जीता, हालाँकि इस बार उसका बहुमत घट गया।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) ने 294 सीटों में से 157 सीटें जीतीं।

उसके असल में 37.9% था, जो इंडियन नेशनल कांग्रेस के 39.5% से कम था।

क्या बदला

सत्ताधारी गठबंधन फिर जीता, और इस बार पहले से कहीं ज़्यादा मतदाता वोट डालने पहुँचे।

माकपा अब लगातार 5 चुनाव जीत चुकी थी।

लगभग 80.6% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला — उस समय तक राज्य में दर्ज सबसे ऊँचा हिस्सा।

एक नई पार्टी ने पहली बार विधान सभा में सीटें जीतीं: गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट।

अहम आँकड़े

इस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला रामनगर, पश्चिम बंगाल में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 50 वोट रहा।

सबंग, पश्चिम बंगाल में सबसे ऊँचा रहा, जहाँ 95.8% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।

सबसे ज़्यादा मतदाता बेलगछिया पूर्व, पश्चिम बंगाल में थे: 2,91,731 पंजीकृत मतदाता।

सबसे भीड़ भरा मुक़ाबला जोड़ाबागान, पश्चिम बंगाल में था, जहाँ 23 उम्मीदवार मैदान में थे — उस साल किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा।

पृष्ठभूमि

तब तक यह गठबंधन लगातार कई चुनावों से पश्चिम बंगाल में सरकार चला रहा था।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

सभी 294 सीटें