बसीरहाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
नारायण मुखार्जी (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 44.8% वोट पाकर बसीरहाट सीट जीती और असित मजुमदार (INC) को 181 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 95 कैनिंग थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 95 बनगांव उत्तर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बसीरहाट का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 181 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण मुखार्जी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 66,32944.8% |
| 2 | असित मजुमदार | 66,14844.6% | |
| 3 | अनिंद्य गोपाल मित्र | 12,7398.6% | |
| 4 | मोल्ला जफरुल्ला INL | INL | 2,2481.5% |
| 5 | मंडल नुर बख्श निर्दलीय | निर्दलीय | 2470.2% |
| 6 | अमितेश दे निर्दलीय | निर्दलीय | 2370.2% |
| 7 | अमल कुमार बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बसीरहाट से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.0% से बढ़कर 44.8% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 81.3% से बढ़कर 86.9% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977नारायण मुखार्जी (CPM), जीत का अंतर 25.0%
- 1982नारायणदास मुखार्जी (CPM), जीत का अंतर 9.0%
- 1987नारायण मुखार्जी (CPM), जीत का अंतर 6.8%
- 1991नारायण मुखेरी (CPM), जीत का अंतर 1.9%
- 1996नारायण मुखार्जी (CPM), जीत का अंतर 0.1%
- 2001नारायण मुखार्जी (CPM), जीत का अंतर 20.5%
- 2006नारायण मुखार्जी (CPM), जीत का अंतर 0.8%