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पश्चिम बंगाल · विधान सभा सीट नंबर 212

रामनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996

मृणाल कान्ति राय (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर रामनगर सीट जीती और दिपक कुमार दास (INC) को 50 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 212 खड़गपुर लोकल थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 212 पटाशपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

मृणाल कान्ति राय
CPM· वाम मोर्चा
CPM 48.3%INC 48.3%3 अन्य 3.4%
मिले वोट
63,538
मतों का 48.3%
जीत का अंतर
50
कुल वोटों का 0.0%
उम्मीदवार
5
मतदान प्रतिशत
86.5%
1,51,995 मतदाताओं में से

रामनगर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 50 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

5 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
मृणाल कान्ति राय
वाम मोर्चा
वाम मोर्चा
63,53848.3%
2
दिपक कुमार दास
63,48848.3%
3
अनिल बरन हजरा
3,2122.4%
4
सत्य रंजन दास
निर्दलीय
निर्दलीय
1,0980.8%
5
सेख मो. मसीरुद्दीन
निर्दलीय
निर्दलीय
1630.1%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
<0.1%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
87%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
असल में दो दल

CPM और INC को 97% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.14

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
294 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 148

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
48.3%CPM की जीत
CPM 48.3%INC 48.3%अन्य 3.4%

यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

रामनगर से कौन जीता, 1977–2006

CPM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1987 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 48.3%। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 75.7% से बढ़कर 86.5% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट AITC ने जीती।

  1. 1977बलाईलाल दास महापात्र (JNP), जीत का अंतर 12.2%
  2. 1982अबंती मिश्रा (INC), जीत का अंतर 1.6%
  3. 1987सुधीर कुमार गिरी (CPM), जीत का अंतर 17.9%
  4. 1991मृणाल कान्ति राय (CPM), जीत का अंतर 3.3%
  5. 1996मृणाल कान्ति राय (CPM), जीत का अंतर 0.0%
  6. 2001अखिल गिरी (AITC), जीत का अंतर 4.7%
  7. 2006स्वदेश रंजन नायक (CPM), जीत का अंतर 5.6%