बालीगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
रबिन देब (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर बालीगंज सीट जीती और दिब्येंदु बिस्वास (INC) को 1,481 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 152 हावड़ा उत्तर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 152 टॉलीगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बालीगंज का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,481 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रबिन देब वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 69,18547.5% |
| 2 | दिब्येंदु बिस्वास | 67,70446.5% | |
| 3 | गौरी चौधुरी | 6,4334.4% | |
| 4 | महेश्वर दास | 1,4431.0% | |
| 5 | रंजीत कु. दे निर्दलीय | निर्दलीय | 3080.2% |
| 6 | दिपक कु. घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.1% |
| 7 | बिजय दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.1% |
| 8 | अमिताभ चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बालीगंज से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 47.5%। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 64.7% से बढ़कर 69.7% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।