दुर्गापुर-Iविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
मृणाल बनर्जी (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 51.8% वोट पाकर दुर्गापुर-I सीट जीती और मृगेंद्रनाथ पाल (INC) को 16,995 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 264 मंतेश्वर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 264 कालना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मृणाल बनर्जी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 59,63051.8% |
| 2 | मृगेंद्रनाथ पाल | 42,63537.1% | |
| 3 | अखिल मंडल | 7,9967.0% | |
| 4 | मधुसूदन सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6482.3% |
| 5 | रबिनसेन टुडू निर्दलीय | निर्दलीय | 9410.8% |
| 6 | मुकुल सामंत AMB | AMB | 2710.2% |
| 7 | कानन बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.2% |
| 8 | ब्रह्मदेव गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.2% |
| 9 | लक्ष्मीनारायण राजभर निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.2% |
| 10 | मधुसूदन बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 2000.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दुर्गापुर-I से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.5% से बढ़कर 51.8% हो गया। मतदान प्रतिशत 1991 के 67.0% से बढ़कर 73.5% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।