बेलगछिया पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
सुभाष चक्रवर्ती (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर बेलगछिया पूर्व सीट जीती और अरुणाभ घोष (INC) को 8,940 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 139 टॉलीगंज थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 139 कैनिंग पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सुभाष चक्रवर्ती 4.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुभाष चक्रवर्ती वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 1,05,32848.3% |
| 2 | अरुणाभ घोष | 96,38844.2% | |
| 3 | अभिजीत गूह | 13,8556.4% | |
| 4 | सुनील भट्टाचार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 9010.4% |
| 5 | बीरेन्द्र वर्मू AIIC(T) | AIIC(T) | 4750.2% |
| 6 | सुकांति दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 3350.1% |
| 7 | हिरालाल बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 3170.1% |
| 8 | कुणाल कुमार मजूमदार निर्दलीय | निर्दलीय | 3150.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बेलगछिया पूर्व से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.6% से बढ़कर 48.3% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 68.6% से बढ़कर 74.7% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977सुभाष चक्रवर्ती (CPM), जीत का अंतर 31.0%
- 1982सुभाष चक्रवर्ती (CPM), जीत का अंतर 14.0%
- 1987सुभाष चक्रवर्ती (CPM), जीत का अंतर 6.2%
- 1991सुभाष चक्रवर्ती (CPM), जीत का अंतर 7.0%
- 1996सुभाष चक्रवर्ती (CPM), जीत का अंतर 4.1%
- 2001चक्रवर्ती सुभाष (CPM), जीत का अंतर 2.0%
- 2006सुभाष चक्रवर्ती (CPM), जीत का अंतर 0.9%