आड़शाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
निशि कान्ता मेहता (FBL) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 46.0% वोट पाकर आड़शा सीट जीती और कामाख्या प्रसाद सिंह देव (INC) को 8,884 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 236 गंगाजलघाटी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 236 मेदीनिपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | निशि कान्ता मेहता | 46,91446.0% | |
| 2 | कामाख्या प्रसाद सिंह देव | 38,03037.3% | |
| 3 | अजीत प्रसाद महतो | 11,98711.7% | |
| 4 | सुबर्ण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8891.9% |
| 5 | धीरेन्द्र नाथ कुमार | 1,7951.8% | |
| 6 | करम चन्द महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 4560.5% |
| 7 | शशि भूषण महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 3650.4% |
| 8 | सुशांतो महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 9 | सत्यनारायण माझी निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
| 10 | आलोक कुमार सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 11 | अशोक कुमार चट्टोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL, INC और JMM को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आड़शा से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव FBL ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.9% से घटकर 46.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1991 के 64.8% से बढ़कर 73.1% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी FBL ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977दमन चन्द्र कुइरी (FBL), जीत का अंतर 29.9%
- 1982ध्रुबेश्वर चट्टोपाध्याय (FBL), जीत का अंतर 1.5%
- 1987कुमार पांडब (FBL), जीत का अंतर 10.6%
- 1991निशि कान्ता मेहता (FBL), जीत का अंतर 27.1%
- 1996निशि कान्ता मेहता (FBL), जीत का अंतर 8.7%
- 2001निशिकांत मेहता (FBL), जीत का अंतर 15.5%
- 2006प्रभात महतो (AIFB), जीत का अंतर 28.4%