आड़शाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
ध्रुबेश्वर चट्टोपाध्याय (FBL) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 33.6% वोट पाकर आड़शा सीट जीती और के.पी. सिंह देव (INC) को 979 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 236 गंगाजलघाटी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 236 मेदीनिपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
आड़शा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 979 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ध्रुबेश्वर चट्टोपाध्याय | 21,33233.6% | |
| 2 | के.पी. सिंह देव | 20,35332.1% | |
| 3 | कुमार सुबरसा SUC | SUC | 9,04214.3% |
| 4 | अजीत प्रसाद महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 5,8229.2% |
| 5 | दमन चन्द्र कुइरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5077.1% |
| 6 | खगेंद्र नाथ गोस्वामी | 7521.2% | |
| 7 | गंधर्बा सिंह बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 6471.0% |
| 8 | चन्द्र मोहन महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 6081.0% |
| 9 | स्वरित कुमार चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 4090.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आड़शा से कौन जीता, 1977–2006
FBL ने 1977 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.4% से घटकर 33.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1977 के 55.5% से बढ़कर 65.5% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में भी FBL ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977दमन चन्द्र कुइरी (FBL), जीत का अंतर 29.9%
- 1982ध्रुबेश्वर चट्टोपाध्याय (FBL), जीत का अंतर 1.5%
- 1987कुमार पांडब (FBL), जीत का अंतर 10.6%
- 1991निशि कान्ता मेहता (FBL), जीत का अंतर 27.1%
- 1996निशि कान्ता मेहता (FBL), जीत का अंतर 8.7%
- 2001निशिकांत मेहता (FBL), जीत का अंतर 15.5%
- 2006प्रभात महतो (AIFB), जीत का अंतर 28.4%