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पश्चिम बंगाल · विधान सभा सीट नंबर 138

दमदमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996

शंकर सेन (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर दमदम सीट जीती और निताई घोष (INC) को 29,547 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 138 रासबिहारी एवेन्यू थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 138 कैनिंग पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

शंकर सेन
CPM· वाम मोर्चा
CPM 53.2%INC 36.1%5 अन्य 10.7%
मिले वोट
92,102
मतों का 53.2%
जीत का अंतर
29,547
कुल वोटों का 17.1%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
80.2%
2,15,812 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — शंकर सेन 17.1% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
शंकर सेन
वाम मोर्चा
वाम मोर्चा
92,10253.2%
2
निताई घोष
62,55536.1%
3
कामेश्वर तिवारी
14,8648.6%
4
बिजय कुमार मंडल
1,9941.1%
5
कमल लोचन चटर्जी
निर्दलीय
निर्दलीय
1,0940.6%
6
किशोर चरण लव
निर्दलीय
निर्दलीय
3970.2%
7
अमिताभ दे
निर्दलीय
निर्दलीय
1270.1%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
17.1%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
80%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

CPM, INC और BJP को 98% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.37

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
294 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 148

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
53.2%CPM की जीत
CPM 53.2%INC 36.1%BJP 8.6%अन्य 2.1%

यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

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ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

दमदम से कौन जीता, 1977–2006

1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.3% से बढ़कर 53.2% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 74.0% से बढ़कर 80.2% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट AITC ने जीती।

  1. 1977तरुण सेन गुप्ता (CPM), जीत का अंतर 42.9%
  2. 1982शांति रंजन घटक (CPM), जीत का अंतर 33.5%
  3. 1987शांति रंजन घटक (CPM), जीत का अंतर 22.9%
  4. 1991शंकर कुमार सेन (CPM), जीत का अंतर 19.2%
  5. 1996शंकर सेन (CPM), जीत का अंतर 17.1%
  6. 2001अरुणाभ घोष (AITC), जीत का अंतर 0.1%
  7. 2006रेखा गोस्वामी (CPM), जीत का अंतर 16.5%