जगद्दलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
अनय गोपाल सिन्हा (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 45.6% वोट पाकर जगद्दल सीट जीती और निहार बसु (FBL) को 117 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 131 जोड़ासांको थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 131 काकद्वीप है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
जगद्दल का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 117 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनय गोपाल सिन्हा | 59,53445.6% | |
| 2 | निहार बसु | 59,41745.5% | |
| 3 | रजत चक्रवर्ती | 6,5765.0% | |
| 4 | चपला मजूमदार | 2,0061.5% | |
| 5 | विनोद कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3761.1% |
| 6 | सत्य नारायण गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 8830.7% |
| 7 | बादल घोष AMB | AMB | 4000.3% |
| 8 | प्रणब दे निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.2% |
| 9 | दिलीप चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, FBL और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जगद्दल से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट FBL से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 73.3% से बढ़कर 80.5% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट FBL ने जीती।