पश्चिम बंगाल 1951 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 149 सीटें (62.6%)CPI: 28 सीटें (11.8%)IND: 20 सीटें (8.4%)KMPP: 15 सीटें (6.3%)FBL(MG): 11 सीटें (4.6%)BJS: 9 सीटें (3.8%)HMS: 4 सीटें (1.7%)FBL(RG): 2 सीटें (0.8%)बहुमत के लिए 120238सरकार बनाने के लिए 120
  • INC14962.6%
  • CPI2811.8%
  • निर्दलीय208.4%
  • KMPP156.3%
  • FBL(MG)114.6%
  • BJS93.8%
  • HMS41.7%
  • FBL(RG)20.8%
चुनाव की कहानी

पश्चिम बंगाल का पहला चुनाव

क्या हुआ

इस राज्य का पहला विधान सभा चुनाव एक पार्टी ने भारी अंतर से जीता।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में चुनाव वाली 238 सीटों में से 149 सीटें जीतीं; नई विधान सभा में यह साफ़ बहुमत था।

उसे 38.8% वोट मिले, जो 10.8% के साथ दूसरे स्थान पर रही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया से काफ़ी आगे था।

क्या बदला

यह राज्य की सीटों का पहला नक्शा भी था।

इसे बनाने को कहते हैं।

कुछ निर्वाचन क्षेत्रों से राज्य विधान सभा में एक साथ एक से ज़्यादा सदस्य भी पहुँचे।

उस साल 187 निर्वाचन क्षेत्रों में से 51 इसी तरह काम करते थे।

कुल मिलाकर विधान सभा के लिए 238 लोग चुने गए, जो निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या से ज़्यादा थे।

अहम आँकड़े

उस पहली मतगणना के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला: मुचिपाड़ा, पश्चिम बंगाल का फ़ैसला सिर्फ़ 9 वोटों से हुआ, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे कम था।

सबसे बड़ा फ़ासला बारासात, पश्चिम बंगाल में रहा, जहाँ पहले दो उम्मीदवारों के बीच 75.0% वोट का अंतर था।

सुताहाटा, पश्चिम बंगाल में 75.4% तक पहुँचा।

सबसे ज़्यादा मतदाता आरामबाग, पश्चिम बंगाल में थे: 1,19,109 पंजीकृत मतदाता।

पृष्ठभूमि

इस राज्य का चुनावी इतिहास यहीं से शुरू होता है — इस प्रोजेक्ट के अपने रिकॉर्ड में आगे की हर तुलना इसी पहली गिनती से शुरू होती है।

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RBI 2024-25

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