हावड़ा दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बेनी चरण दत्त (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 38.0% वोट पाकर हावड़ा दक्षिण सीट जीती और अरुण कुमार चटर्जी (CPI) को 3,353 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 96 हावड़ा पूर्व है।
विजेता
11.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बेनी चरण दत्त | 10,99338.0% | |
| 2 | अरुण कुमार चटर्जी | 7,64026.4% | |
| 3 | भोलानाथ दास RCPI | RCPI | 4,13914.3% |
| 4 | भोलानाथ राय | 3,13310.8% | |
| 5 | ब्रह्म दत्त झुनझुनवाला RRP | RRP | 8252.9% |
| 6 | हरिपद मजूमदार SP | SP | 6622.3% |
| 7 | सुशील कुमार मुखर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 4401.5% |
| 8 | क्रिस्टो धान बनर्जी | 4301.5% | |
| 9 | बिनय कृष्ण मुखर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 3051.1% |
| 10 | आर. के. मथरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2440.8% |
| 11 | हनुमंत राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।