भरतपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बिजोयेंदु नारायण राय (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 33.6% वोट पाकर भरतपुर सीट जीती और सरोज कुमार राय चौधुरी (निर्दलीय) को 2,495 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 44 नलहाटी है।
विजेता
12.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिजोयेंदु नारायण राय | 6,52033.6% | |
| 2 | सरोज कुमार राय चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,02520.8% |
| 3 | मक़सूदल होसेन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,37017.4% |
| 4 | बदरुल आलम अबुल फ़ज़ल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,35312.1% |
| 5 | शक्तिपद घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5448.0% |
| 6 | खोंदकर नुर-ई.-अहसन निर्दलीय | निर्दलीय | 8634.5% |
| 7 | नजरुल हक मिया निर्दलीय | निर्दलीय | 7003.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।