बसीरहाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
प्रफुल्ल बनर्जी (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 43.6% वोट पाकर बसीरहाट सीट जीती और गोपेंद्र गायेन (निर्दलीय) को 5,478 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 139 विद्यासागर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रफुल्ल बनर्जी 20.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रफुल्ल बनर्जी | 11,79743.6% | |
| 2 | गोपेंद्र गायेन निर्दलीय | निर्दलीय | 6,31923.4% |
| 3 | हरेंद्रनाथ मजुमदार निर्दलीय | निर्दलीय | 4,06115.0% |
| 4 | इलाही बश्क निर्दलीय | निर्दलीय | 3,02511.2% |
| 5 | बंशधर घोष FBL(RG) | FBL(RG) | 8583.2% |
| 6 | अरुण कुमार घोष | 4331.6% | |
| 7 | बस्तोल्लाह मोल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.8% |
| 8 | महम्मद इस्माइल निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.6% |
| 9 | हरिनारायण घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।