दमदमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
कनाई लाल दास (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 30.5% वोट पाकर दमदम सीट जीती और लक्ष्मी कान्ता प्रामाणिक (निर्दलीय) को 2,514 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 140 बेलेघाटा है।
विजेता
10.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कनाई लाल दास | 7,34430.5% | |
| 2 | लक्ष्मी कान्ता प्रामाणिक निर्दलीय | निर्दलीय | 4,83020.1% |
| 3 | सुधांशु कुमार मित्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4,26817.7% |
| 4 | अमर मोजुमदार | 3,37514.0% | |
| 5 | बिद्युत कुमार बसु KMPP | KMPP | 1,7807.4% |
| 6 | तरुण सेन गुप्ता | 9263.9% | |
| 7 | सरोज सेन | 5762.4% | |
| 8 | भूपेन्द्र नाथ बोस निर्दलीय | निर्दलीय | 4992.1% |
| 9 | कामता नाथ तिवारी | 2240.9% | |
| 10 | देब ब्रत मजूमदार निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.6% |
| 11 | बीरेन्द्र नाथ चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।