एंटालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
अमिय रंजन दास गुप्ता (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 44.4% वोट पाकर एंटाली सीट जीती और जगत बोस (CPI) को 1,630 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 187 चाकदह है।
विजेता
7.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमिय रंजन दास गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 9,62444.4% |
| 2 | जगत बोस | 7,99436.9% | |
| 3 | देबेंद्र चन्द्र देव | 1,5777.3% | |
| 4 | द्विजेंद्र लाल सेन गुप्ता KMPP | KMPP | 9084.2% |
| 5 | अमुल्य चटर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 6903.2% |
| 6 | मनुज चन्द्र सर्बाधिकारी | 5392.5% | |
| 7 | शैलेंद्र नाथ मुखार्जी FBL(RG) | FBL(RG) | 3221.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, CPI और INC को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।