टीटागढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
कृष्ण कुमार शुक्ला (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 50.9% वोट पाकर टीटागढ़ सीट जीती और सुरेन्द्र घोष (BJS) को 7,272 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 149 अलीपुर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कृष्ण कुमार शुक्ला 35.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण कुमार शुक्ला | 10,44150.9% | |
| 2 | सुरेन्द्र घोष | 3,16915.4% | |
| 3 | कालिका प्रसाद BPI | BPI | 1,9889.7% |
| 4 | ज़ेड. एच. खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7898.7% |
| 5 | कपिलदेव तिवारी KMPP | KMPP | 1,2916.3% |
| 6 | देव लोचों सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8454.1% |
| 7 | गिरिजा मोहन चट्टोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 6603.2% |
| 8 | नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3401.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।