अलीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
सत्येन्द्र कुमार बसु (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 55.8% वोट पाकर अलीपुर सीट जीती और नेपाल भट्टाचार्जी (निर्दलीय) को 4,884 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 184 नैहाटी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सत्येन्द्र कुमार बसु 23.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्येन्द्र कुमार बसु | 11,57755.8% | |
| 2 | नेपाल भट्टाचार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,69332.2% |
| 3 | अमिय कुमार बसु | 7133.4% | |
| 4 | हरिशाधन बसु चौधुरी SP | SP | 6233.0% |
| 5 | रतनलाल अगरवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 4152.0% |
| 6 | शीतल सिंह KMPP | KMPP | 3691.8% |
| 7 | सत्यब्रत राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2121.0% |
| 8 | बैजनाथ प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 830.4% |
| 9 | जे. पी. मित्र निर्दलीय | निर्दलीय | 720.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और BJS को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।