बजबजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बंकिम मुखार्जी (CPI) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 49.9% वोट पाकर बजबज सीट जीती और कालीपद मुखर्जी (INC) को 6,836 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 158 बिशनुपुर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बंकिम मुखार्जी 25.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बंकिम मुखार्जी | 13,17149.9% | |
| 2 | कालीपद मुखर्जी | 6,33524.0% | |
| 3 | शेख महम्मद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4149.2% |
| 4 | राम चन्द्र अवताशी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4725.6% |
| 5 | सुदर्शन चटर्जी RCPI | RCPI | 1,1904.5% |
| 6 | सुरेन्द्र नाथ मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0494.0% |
| 7 | देवेंदा नाथ सुकुल निर्दलीय | निर्दलीय | 3581.4% |
| 8 | बिभूति भूषण घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.8% |
| 9 | प्रभास चंद्रू धर निर्दलीय | निर्दलीय | 1910.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।