माणिकचकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
पशुपति झा (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 36.1% वोट पाकर माणिकचक सीट जीती और राजेन्द्र सिंह सिंघी (निर्दलीय) को 1,905 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 23 खरबा है।
विजेता
7.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पशुपति झा | 8,87336.1% | |
| 2 | राजेन्द्र सिंह सिंघी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,96828.4% |
| 3 | सतीश चन्द्र मंडल KMPP | KMPP | 3,24913.2% |
| 4 | दुर्गा प्रसाद सराफ निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1828.9% |
| 5 | महेन्द्र मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9007.7% |
| 6 | कुमुदानंद झा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3995.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।