बेलेघाटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
सुहृद कुमार मल्लिक चौधुरी (FBL(MG)) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 25.2% वोट पाकर बेलेघाटा सीट जीती और बिधु भूषण सरकार (निर्दलीय) को 284 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 172 बादुड़िया है।
विजेता
बेलेघाटा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 284 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुहृद कुमार मल्लिक चौधुरी | 5,28825.2% | |
| 2 | बिधु भूषण सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 5,00423.8% |
| 3 | सुरेश चन्द्र बनर्जी KMPP | KMPP | 4,63022.1% |
| 4 | शिशिर चटर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,13610.2% |
| 5 | शंकु लाल बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4526.9% |
| 6 | अमल चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 8624.1% |
| 7 | पूर्णानंद दास गुप्ता SP | SP | 6313.0% |
| 8 | अमुल्य चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3821.8% |
| 9 | हेमेन्द्र मुखार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 2881.4% |
| 10 | मोहम्मद सिद्दीक अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2000.9% |
| 11 | पूर्णेंदु नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।